क्या Baba Bageshwar को उड़ीसा एक्सीडेंट पहले से पता था?2023

क्या Baba Bageshwar को पता था कि उड़ीसा में ट्रेन हादसा होने वाला है धीरेंद्र शास्त्री जी ने कहा कि हमको पता था लेकिन कोई हमारे पास आए, पूछे ,तब तो हम बताएं। बिना रोए तो मां भी तो अपने बच्चे को दूध नहीं पिलाती है

क्या Baba Bageshwar को उड़ीसा एक्सीडेंट पहले से पता था?

क्या Baba Bageshwar को पता था कि उड़ीसा में ट्रेन हादसा होने वाला है, हो सकता है की आप लोगों में से कोई ऐसा है, जो सोचे यार यह क्या सवाल है, इस मौके पर यह सवाल कोई कैसे पूछ सकता है। लेकिन सोशल मीडिया पर कई लोग ऐसे हैं जिन्होंनेBaba Bageshwar को लेकर यह सवाल पूछा कि क्या उन्हें पता था कि ऐसी घटना हो सकती है और उसके बाद जब पत्रकारों से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी मुखातिब हुए तो पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछ लिया की बाबा जी आपका इस घटना पर क्या सूचना है, तो उनका कहना था कि मेरा मन दुखी है व्यथित हूं मैं परेशान हूं मैै अर्जी लगाऊंगा की जो तमाम लोग घायल हुए हैं उन्हें जल्द से जल्द सेहत में सुधार मिले।

क्या बाबा बागेश्वर को उड़ीसा एक्सीडेंट पहले से पता था पत्रकारों के इस सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने क्या कहा

baba bageshwar dham सरकार से पत्रकारों ने दूसरा सवाल पूछा कि बाबा जी आपके पास जो शक्तियां हैं क्या उनसे जानकारी मिली थी कि यह हादसा हो सकता है जवाब में बाबा ने पत्रकारों से कहा हां फिर उन्होंने कहा कि देखिए भगवान श्री कृष्ण को पता था कि महाभारत होने वाली है लेकिन जानकारी होना और उस दुर्घटना को टाल देना ये दोनों बहुत अलग अलग बात है |

sanyasi baba bageshwar dham ने पत्रकारों से बातचीत में आगे कहा कि चाहे आतंकवादी हमला हो या छिपी हुई बात हो हम इस बारे में पता लगाते रहेंगे जानकारियां निकालते रहेंगे लेकिन जानकारी लोगों को तब पता चलेगी जब कोई हमसे पूछेगा क्योंकि मां भी बिना रोए बच्चे को दूध नहीं पिलाती है तो अगर किसी को यह जानना हो तो वाह हमारे पास आए हमसे पूछे हम उसकी पर्चा निकालेंगे और उसके बारे में सिधतः बता देंगे साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई देवयानी हैं कई सारे और भी विभागों के लोग हैं जो चोरी छुपे उनके पास आते रहते हैं उनसे जानकारियां लेते रहते हैं और बेसित में उनके लिए काम करते रहते हैं

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा आप हमको मत मानिए बाबा बालाजी को मानिए

bageshwar dham balaji का कहना है कि आप हमको मत मानिए, बाबा बालाजी को मानिए , वही सब पर भला करेंगे । उसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने उड़ीसा में ट्रेन हादसे में जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनको लेकर 2 मिनट का मौन रखा है कहा कि बालाजी से आज हम प्रार्थना करेंगे कि उनके परिवार वालों को राहत मिल जाए यह भी कहा कि हम चाहेंगे कि लोग उनकी भक्ति में लीन हो

Baba Bageshwar को उड़ीसा एक्सीडेंट

Baba Bageshwar के इस बयान पर लोगों ने कर दी बहस

बाबा बागेश्वर के इस बयान को लेकर एक नए सिरे से बहस शुरू हो गई है कि जो बातें धीरेंद्र शास्त्री जी ने कहा कि हमको पता था लेकिन कोई हमारे पास आए, पूछे ,तब तो हम बताएं। बिना रोए तो मां भी तो अपने बच्चे को दूध नहीं पिलाती है । यह तर्क जो है यह आपको सही लगते हैं जायज लगते हैं या एक अपोल कल्पना लगते हैं हमें लगा हम सीधे हाथ आप पर छोड़ देते हैं हम इसमें क्या टिप्पणी करें धर्म का मामला है।

उड़ीसा ट्रेन हादसे के दौरान बाबा बागेश्वर गुजरात दौरे पर थे।

जब उड़ीसा में ट्रेन हादसा हुआ था उस वक्त बाबा बागेश्वर गुजरात दौरे पर थे । गुजरात के अहमदाबाद मे उनका कार्यक्रम पहले था अहमदाबाद में कार्यक्रम बारिश के चलते भेंट चढ़ गया उसके बाद फिर दोबारा कार्यक्रम हुआ उससे पहले वह बिहार गए थे जहां पर उनकी भक्तों की संख्या हजारों लाखों लोगों की भीड़ दिखाई पड़ी । उसके बाद बड़ोदरा में कार्यक्रम था और बड़ोदरा में भी भीड़ जो है उतनी ही नजर आ रही थी क्योंकि उनके फैंस फॉलोइंग जो है बहुत बड़ी हो गई है और यह फैन फॉलोइंग बड़ी इसलिए है क्योंकि वह भारत हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं ।

बाबा बागेश्वर नाथ के हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर लोगों का क्या करना है

अक्सर देखा गया है बाबा बागेश्वर जहां भी अपनी दरबार लगाते हैं वहां पर एक बात अवश्य बोलते हैं भारत को हम हिंदू राष्ट्र घोषित करके रहेंगे हाला की कई लोगों को इस बात से ऐतराज है अगर आप मुस्लिम राष्ट्र की बात करते हैं तो आप देश के दुश्मन हैं खालीस्तान की बात करते है तो दुश्मन है लेकिन हिंदू राष्ट्रीय बात कैसे कर सकते हैं। लेकिन बीजेपी के बड़े नेता तो इसे स्वीकार नहीं करते लेकिन बाकी नेता है इस बात का जिक्र करते रहते हैं जो किसी बड़े पद पर नहीं है अक्सर इस बात को एक्सेप्ट कर लेते हैं कि हां यही होना चाहिए लेकिन यह दूसरा विषय है

मुख्य चर्चा जो है जो उसके बयान की है जो उन्होंने कहा कि मन व्यथित है दुखी है आज सुबह जानकारी मिली मैं प्रार्थना करूंगा उनके परिवार वालों के लिए लेकिन इसके बाद पत्रकारों का जो अगला सवाल था कि सोशल मीडिया पर चल रहा था कि आपको पता लग जाता है उनका कहना था कि हा मुझे पता लग जाता है लेकिन सारी बात यही कि जब कोई और जी लेकर आएगा ही नहीं तो हम बताएंगे कैसे इस बयान पर आपकी सोच क्या है। परचा तो बहाना है चर्चा बालाजी के आशीर्वाद से होगी भगवान बालाजी जो हैं वह लोगों की सुनते हैं लोगों के यहा जाते हैं आस्था है विश्वास है लेकिन इस घटना पर यह बयान जो है लाल चर्चा के केंद्र पर है और इसको लेकर कई तरह से रिएक्शन सामने आ रहे है

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1999 के बाद पहली बार आपस में टकराई दो ट्रेन

तकरीबन 22 से 23 सौ लोग जो थे ट्रेन में सवार थे और 1999 के बाद यह पहला मौका था जब दो ट्रेने आपस में टकराई थी इतना बड़ा हादसा हुआ था 1999 के दौर में जो घटनाएं हुई थी वहां पर मतलब वहां भी मौतें हुई थी लेकिन इस बार ज्यादा आंकड़ा हो गई इतनी बड़ी मौतों की संख्या 1991 में घटना जो हुई थी बिहार में वहां पर हुई थी उसके बाद नहीं हुई थी और जो सिस्टम की बात टोपोलॉजी की जा रही है कहा जा रहा है कि उस रूट पर नहीं मालूम था क्योंकि भारतीय रेल सिस्टम इतना बड़ा है धीरे-धीरे लगेगा हालांकि अश्वनी विष्णु जी जो है इस घटना के बाद लगातार डटे हुए हैं लगातार कोशिश कर रहे हैं कि वही रहे अब उन पर तमाम तरह के तनाव डाल सकते हैं लेकिन 2 तारीफ में करना चाहूंगा एक उड़ीसा के लोगों की जिन्होंने दिन-रात तपस्या करके वहां पर खून दिया डटे हुए हैं लगे हुए हैं और इस दुखद हादसे के बीच अश्वनी विष्णु जी जिम्मेदार कितनी है वह तो जांच के बाद पता लगेगा लेकिन वह डटे हुए हैं हम तो पुराने रेल मंत्री 15 20 मिनट विजिट करके लौट जाते थे वो अभी वहां है। और यह उनके लिए एक प्रशासन वाली बात है हालांकि यह मौका नहीं है किसी को प्रेषित करने का यह मौका नहीं है उनकी भी तारीफ करने का क्योंकि उनके मंत्रालय में ही इतना बड़ा हादसा हुआ है और उनके मंत्रालय के चलते ही इतनी बडी घटना देखने को मिली है लेकिन फिर भी है कि ठीक है आमतौर पर नेता लोग क्या करते हैं कि इसी कमरों में बैठते हैं दो अधिकारी सस्पेंड कर देंगे या चार इनको को हटवा दो टीवी पर आकर स्टेटमेंट दे देंगे हमने यही देखा है क्योंकि इस देश में घटनाएं हुई हैं लालू प्रसाद यादव जी के दौर में हुई है ममता बनर्जी के दौर में हुई है कांग्रेस के सरकार में भी रही है केवल आजाद भारत में दो ऐसे रेल मंत्री रहे हैं जिन्होंने नैतिकता दिखाई है एक थे लाल बहादुर शास्त्री जी जिन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया था पंडित जवाहरलाल नेहरू मना कर रहे थे उन्हें कि आप मत इस्तीफा दीजिए लेकिन नैतिकता के आधार पर उन्होंने इस्तीफा दिया और उसकी सराहना होती है और दूसरे जो थे वह नीतीश कुमार जी थे नीतीश कुमार जी भी कुछ समय पहले तो लगातार वह नैतिकता के थे अपने लोगों से भी इस्तीफा लिया और बाहर से भी लिया अब उन पर लगता आरोप कि थिक है अब मौजूदा दौर के साथ ढल गए हैं और वही एक अलग विषय है लेकिन इस्तीफे के तर अश्वनी वैष्णो जी का यह तस्वीरें निकल कर आना उड़ीसा के लोगों को खास तौर पर इस तरह से इंवॉल्व होना बिना मांगे हर धर्म के लोग खून देने जा रहे हैं तो उनके लिए एक बार रिस्पेक्ट है लेकिन जो मौत हुई उसके जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए यह 300 मौतें ऐसे गुजर जाए यह सही नहीं है और यह हादसा दोबारा ना हो यह कैसे सुनिश्चित की जाए यह भी बड़ा सवाल है

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